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योजनाएंआयुष्मान भारत योजना 2022 | Ayushman Bharat Yojana की सम्पूर्ण जानकारी

आयुष्मान भारत योजना 2022 | Ayushman Bharat Yojana की सम्पूर्ण जानकारी

आयुष्मान भारत योजना न केवल भारत बल्कि विश्व के स्वास्थ्य इतिहास में अभी तक की सबसे बड़ी योजना है। इस योजना का आरंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल, 2018 को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयन्ती पर छत्तीसगढ़ के बीज़ापुर जिले से किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों एवं समाज के वंचित वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों यानी 50 करोड़ लोगों को सलाना 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें लाभार्थी योजना के अंतर्गत शामिल अस्पतालों के पैजल में से किसी भी अस्पताल में 5 लाख तक का इलाज मुफ्त करवा सकते हैं। इस योजना में पात्र जनसंख्या हेतु सामाजिक-आर्थिक एवं जाति आधारित जनसंख्या, 2011 को आधार बनाया गया है। हस योजना में ग्रामीण परिवारों का 8.03% तथा शहरी परिवारों का 2.33% शामिल हे। आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नाम से भी जाना जाता है।

आयुष्मान भारत योजना पूर्व-प्रचलित चार योजनाओं का स्थान लेगी

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना
  • वरिष्ठ नागरिकःस्वास्थ्य बीमा योजना
  • केंद्रीय कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना
  • राज्य कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना

हालाँकि कुछ मीडिया चैनलों ने आयुष्मान भारत योजना की तुलना अमेरिका के पूर्व-राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा प्रारंभ Affordable care act 2010 जिसे अमेरिकी मीडिया ने “ओबामा-केयर” का नाम दिया था, से करके इसका नामकरण “मोदी-केयर’ किया है, परंतु गौर करें तो मोदी-केयर’ एवं ओबामा-केयर’ में व्यापक अंतर हैं यथा

मोदी-केयर या आयुष्मान भारत योजना केवल वंचित वर्गों के लिये है जबकि ओबामा-केयर के अंतर्गत समाज के वंचित वर्ग के अलावा मध्य वर्ग भी शामिल था। ओबामा प्रशासन मे प्रत्येक नागरिक के लिये बीमा सुरक्षा को अनिवार्य बना दिया था। आयुष्मान भारत में अधिकतम 5 लाख रुपए तक व्यय का प्रावधान हैं “ओबामा केयर” में ऐसी कोई सीमा नहीं थी। 

आयुष्मान योजना के तहत 1.5 लाख स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र की स्थापना करने का प्रस्ताव है। साथ ही पहले से स्थापित प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों (PHC) का उन्नयन कर इसे स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। इन आरोग्य केंद्रों में बीमारियों के उपचार के साथ-साथ मुफ्त दवाइयों की भी सुविधा हैं। इस योजना के तहत सामान्य बीमारियों महिलाओं से संबंधित बीमारियों तथा कई गंभीर बीमारियों को भी शामिल किया गया है
जैसे –

गर्भावस्‍था एवं नारी स्वास्थ्य से संबंधित बीमारियाँ

नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित बीमारियाँ

संक्रमणीयबीमारियाँ मानसिक रोगों का इलाज दंत चिकित्सा आदि।

इस योजना में कई गंभीर बीमारियाँ भी शामिल हैं, जैसे-प्रोटेस्टेट कैंसर, हर्ट बाईपास सर्जरी, सकल सर्जरी आदि। आयुष्मान भारत योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा भूमिहीन व्यक्ति, विक्लाॉंगता के शिकार व्यक्ति, महिला मुखिया बाला वैसा घर, जिसमें 16-59 आयु वर्ग में कोई पुरुष सदस्य नहीं हो, ऐसा परिवार जो 1 कमरे वाले कच्चे मकान में रहता है, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर व्यक्ति, भिक्षावृत्ति से जीविका चलाने बाला व्यक्ति, आदिम जनजाति, निराश्रित व्यक्ति, साफ-सफाई (मैला ढोने वाले सहित) के अस्वच्छ कार्य में लगे व्यक्ति और बंधुआ मज़दूर स्वत: इस योजना के लाभार्थी होंगे|

इन्हें भी देखें – PMJDY: प्रधानमंत्री जन धन योजना की सम्पूर्ण जानकारी| प्रधानमंत्री जन धन योजना क्या है pm jan dhan yojana

नगरीय क्षेत्रों में भी 11 ऐसी श्रेणियाँ चिन्हित की गई हैं जो स्वत: इस योजना के पात्र होंगे, जैसे – निर्माण मज़दूर, रेलवे कुली, रिक्शा चालक, कचरा बीनने वाले आदि। इस योजना के अन्तर्गत देश के किसी भी हिस्से में इलाज कराया जा सकता है साथ ही सारा इलाज न केवल कैश-लेस है बल्कि पेपर-लेस भी है ताकि अस्पताल मरीज़ों से निर्धारित दरों से अधिक न बसूले। इसमें स्वास्थ्य सेवा पूरे देश में पोर्टेबल है यानी पैनल में शामिल किसी, भी अस्पताल से रोगी अपने उपचार को पैनल में शामिल दूसरे अस्पताल में हस्तांतरित कर सकता है और अस्पताल में भर्ती होने के पहले के खर्च तथा डिस्चार्ज होने के बाद के खर्चे भी इसमें शामिल होते हैं। प्राइवेट अस्पताल भी निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद अस्पतालों के पेनल में शामिल हो सकते हैं। इस योजना के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर पर ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ” की तथा राज्य स्तर पर इसके क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी उन संस्थाओं पर होगी जो राज्यों की तरफ से राष्ट्रीय स्वास्थ्य ग्राधिकारण के साथ एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर करेगी।

इस योजना के तहत आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति का प्रावधान है; जिनका कार्य आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की मदद करना है। साथ ही इस योजना पर आने वाला कुल व्यय केंद्र एवं राज्यों के बीच 60 : 40 के अनुपात में विभाजित होगा। पर इस योजना के सम्मुख तमाम चुनौतियाँ भी हैं

भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र आधारभूत संरचनाओं के अभाव से ग्रस्त है। भारत में मरीज़ों की संख्या को तुलना में अस्पतालों एवं उपलब्ध बेड़ों की व्यापक कमी है। साथ ही भारत में प्राय: स्वास्थ्य मानकों का अभाव पाया जाता है। ‘स्वास्थ्य परिवार एवं कल्याण मंत्रालय‘ की रिपोर्ट के अनुसार देश में मात्र 11% चिकित्सा केंद्र हीं स्वास्थ्य मानकों को पूरा करते हैं।इसके अतिरिक्त बीमा कंपनियों का रवैइया भी चिंता का विषय है। इस योजना में शामिल मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षा प्रदान करने वाले बीमा उत्पाद अभी कम्पनियों के द्वारा नहीं लाए गए हैं। लोगों में जागरूकता का अभाव भी इस योजना के समक्ष एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है। भारत में अभी भी 10 में से मात्र 3 व्यक्ति ही स्वास्थ्य बीमा से आच्छादित हैं। भारत में डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की कमी भी इस योजना के सम्मुख प्रमुख चुनौती है। उपरोक्त चुनौतियों के आलोक में यह बात उल्लेखनीय है कि भारत अपने सकल राष्ट्रीय उत्पाद का मात्र 1% स्वास्थ्य पर खर्च करता है जो विश्व में सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता राष्ट्रों में सबसे कम है। हालाँकि भारत मे प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य व्यय को 2009-10 के 621 रुपए से बढ़ाकर 2015-16 में 1,112 रुपये अर्थात 16 डॉलर कर दिया है परंतु अगर इसकी तुलना अमेरिका एवं अन्य यूरोपिय देशों से करें तो यह बहुत कम है जैसे अमेरिका 4802 डॉलर/व्यक्ति यूनाइटेड किगंडम (UK) 3500 डॉलर/व्यक्ति तथा स्विट्ज़रलैंड 6944 डॉलर/व्यक्ति, खर्च दिया गया है। आयुष्मान योजना के तहत भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने हेतु आवश्यक है कि ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017-18 का पालन हो। जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र पर व्यय सकल राष्ट्रीय उत्पाद का 205% निर्धारित किया गया है। साथ ही भारत के विभिन्न क्षेत्रों में AIIMS जैसे संस्थाओं की स्थापना हो, राज्य मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर सुधारा जाए, स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण हेतु पारा-मेडिकल कॉलेजों कौ स्थापना की जाए, बीमा कंपनियों पर अंकुश लगाया जाए, लोगों में स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य बीमा के प्रति जागरूकता फैलाई जाए तथा स्वास्थ्य मानकों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

निष्कर्ष

निष्कर्ष के रूप में यह कहा जा सकता है कि समाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 के अनुसार जहाँ ग्रामीण भारत की 60% जनसंख्या तथा शहरी -भारत की 35% जनसंख्या गरीब है वहाँ आयुष्मान भारत योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। ।



आयुष्मान भारत के लिए कौन पात्र है?

आयुष्मान भारत योजना में कमजोर वर्ग के उन सभी लोगों को लाभ मिलता है। जिसमे भूमिहीन व्यक्ति, परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य, ग्रामीण क्षेत्र का व्यक्ति, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के लोग, दिहाड़ी मजदूर, निराश्रित, आदिवासी और ट्रांसजेंडर इत्यादि लोग शामिल हैं।

आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत कब हुई।

14 अप्रैल, 2018

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