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भारत की नदियाँ (Rivers of India in Hindi) | नदियाँ उद्गम स्थल , और उनकी विशेषताएं

भारत की नदियाँ (Rivers of India in Hindi) – भारत में नदियों के उद्गम स्थल और विशेषताएं उनके बहने के आधार कई प्रकार के तंत्रो में विभाजित की नदियों को विभाजित किया गया है। यह प्रमुख तंत्र निम्न है

  • सिन्धु नदी तंत्र
  • गंगा नदी तंत्र
  • ब्रम्हपुत्र नदी तंत्र

इसके आलावा कुछ नदियां ऐसी भी है। जो बंगाल की खाड़ी में गिरती जैसे – दामोदर , महानदी , स्वर्णरेखा , गोदावरी , कृष्णा और कावेरी है

सिन्धु नदी तंत्र

सिन्धु नदी

सिंधु नदी तिब्बत की मानसरोवर झील निकट कैलाश पर्वत के ‘ चेमायुंगडुंग ग्लेशियर ‘ से निकलती है।

इसकी कुल लम्बाई 2897 km है जिसमे भारत में केवल 709 km में ही बहती है।

सिंधु नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ – श्योक , झेलम , चिनाव , रावी , व्यास , सतलज , किशनगंगा , इत्यादि महत्वपूर्ण सहायक नदियां है

महत्वपूर्ण

  • सिंधु नदी नंगा पर्वत के उत्तर बुंजी नामक स्थान पर हिमालय में 5181 मीटर गहरे गार्ज का निर्माण करती है।
  • ग्रीष्म ऋतू में बर्फ के फैलने से सिंधु नदी का जल स्तर बढ़ जाता है।
  • यह एक पूर्वर्ती नदी का उदाहरण है।
  • यह अरब सागर में गिरती है
  • सिंधु नदी बुलर झील से होकर बहती है।
  • सिंधु नदी पाकिस्तान में झंग के निकट चिनाव में मिल जाती है।

झेलम नदी

इस नदी का पुराना नाम बितस्ता है झेलम नदी शेषनाग झील से निकलती है। इस नदी की भारत में लम्बाई 400km है।

चेनाब नदी –

यह नदी लाहुल क्षेत्र के बारालाचा दर्रे के निकट 4900 मी. की ऊंचाई से निकलती है।

भारत में इसकी लम्बाई 1180 km है।

हिमालय प्रदेश में चेनाब नदी को चंद्रभागा से जाना जाता है।

रावी नदी –

रवि नंदी का पुराना नाम इरावती है यह नदी कुल्लू की पहाड़ियों से निकलती है इसकी लम्बाई 725 km है

व्यास नदी

  • इस नदी का पुराना नाम विपासा है।
  • यह नदी रोहतांग दर्रे के पास व्यास कुंड से निकलती है
  • भारत में इसकी लम्बाई 400 km है
  • इसकी महत्वपूर्ण सहायक नदी स्पीति है जो की दहिने और से व्यास में मिलती है।
  • यह नदी हरिके बैराज के पास सतलज में मिल जाती है।

सतलज नदी –

  • इसका पुराण नाम शतद्रु नदी है।
  • यह नदी तिब्बत के पास राकसताल झील से निकलती है।
  • भारत में इसकी लम्बाई 1050 km है।
  • यह नदी भाखरा के पास भाखड़ा बांध का निर्माण करती है। जिसके पीछे गोविंद सागर जलाशय है।

गंगा नदी तंत्र

गंगा नदी

यह नदी गंगोत्री हिमनद के पास गोमुख उत्तराखण्ड के महान हिमालय ( 6600 km ) की ऊंचाई से निकलती है।

इसकी भारत में कुल लम्बाई 2525 km है।

इसकी प्रमुख सहायक नदियां

बाएं किनारे से – रामगंगा , घागरा , गंडक , बूढ़ी , गंडक , बागमती , कोसी आदि

दाये किनारे से – यमुना , सोन , दामोदर आदि

गंगा नदी को देव प्रयाग से पहले भागीरथी खा जाता है।

देवप्रयाग में अलकनंदा के मिलने के पश्चात् इसे गंगा के नाम के जाने जाता है।

हरिद्वार के निकट , यह हिमालय को छोड़कर यह बहरत के उत्तरी मैदान में उतरती है

हरिद्वार , प्रयाग , वाराणसी , कानपुर , पटना , कोलकाता ,आदि महानगर गंगा नदी के तट पर बेस हुए है।

यह एक पुर्गामी नदी है। जो बांग्लादेश में ब्रम्हपुत्र की एक शाखा जमुना से मिलने के पश्चात पद्मा के नाम से जानी जाती है

गंगा नदी को पश्चिम बंगाल में भागीरथी के नाम से जाना जाता है।

यमुना नदी –

यह नदी युमनोत्री हिमनद की बंदरपूछ पहाड़ी से निकलती है इस नदी की भारत में कुल लम्बाई 1385 km है

सहायक नदियां – चम्बल, सिंध, वेतवा , केन

दिल्ली , आगरा , मथुरा ,इस नदी के तट पर स्थित है इलाहाबाद में यह गंगा नदी से मिल जाती है।

रामगंगा नदी –

यह नदी कुमायूँ हिमालय के निकट नैनीताल से निकलती है। लम्बाई 600km है। यह नदी कन्नौज के निकट गंगा में मिल जाती है

घागरा नदी –

यह नदी ट्रांस हिमालय में मापचा चुंगी हिमनद के पास मान्धाता चोटी से निकलती है इसकी लम्बाई 1080 km है। राप्ती तथा शारदा इसकी प्रमुख सहायक नदियां है इस नदी पहाड़ी क्षेत्र में करनाली तथा मैदानी क्षेत्र में घागरा खा जाता है।

गंडक नदी –

यह नदी नेपाल हिमालय से 7600 km की ऊंचाई से निकलती से निकलती है। इसकी भारत में कुल लम्बाई 730 km है। प्रमुख सहायक नदियां काली गंडक , त्रिशूल गंगा है। यह सोनपुर के निकट गंगा में मिल जाती है

गोमती नदी –

यह नदी उत्तरप्रदेश के पीलीभीत के गोमत ताल के फुलहर झील से निकलती है। इसकी कुल लम्बाई 940 km है। प्रमुख सहायक नदी सई है। यह नदी उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले के निकट कैथी नमक स्थान पर गंगा में मिलती है

यह गंगा नदी की एक मात्रा ऐसी सहायक नदी है जिसका उद्गम स्थल मैदान में है

चम्बल नदी –

यह नदी इंदौर के निकट महू के पास जानापाव पहाड़ी से निकलती है। इसकी कुल लम्बाई 965 km है काली सिंध , बनास , पार्बती , शिप्रा , और खारी है। यह उत्तरप्रदेश में इटावा के निकट यमुना नदी में मिल जाती है। इसके द्वारा अपने अपवाह क्षेत्र में गहरे बीहड़ो का निर्माण किया गया है।

सोन नदी –

यह नदी मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक पहाड़ी से निकलती है। इसकी कुल लम्बाई 780 km है रिहन्द और कुन्हड़ इसकी प्रमुख सहायक नदियां है यह बिहार के पटना के निकट गंगा में मिल जाती है।

ब्रम्हापुत्र नदी तंत्र

यह नदी तिव्बत की मानसरोवर झील के निकट से निकलती है इसकी कुल लम्बाई 2580 km जिसमे से भारत में यह केवल 885 km ही बहती है

सहायक नदियां –

दाहिने और से –सुबनसीरी , भरेली , तीस्ता , एवं मानस
बाएं ओर से – दिबांग बी, लोहित , बूढ़ी दिहांग , धनश्री , कपोली

तिब्बत में इसे सांग्पो के नाम से जाना जाता है हिमालय को काटने के पश्चात इसे अरुणाचल में दिहांग कहा जाता है जमुना एवं मेघना बांग्लादेश में ब्रम्हापुत्र नदी की दो शाखाएँ हैं जमुना एवं गंगा के मिलने के पश्चात इसे पदमा कहा जाता है विश्व का सबसे बङी नदी द्वीप माजुली ब्रह्मपुत्र नदी मे स्थित है बंगाल की खाड़ी से लेकर डिंब्रुगढ तक 1280 किलोमीटर , की दूरी तक यह नदी नौगम्य है

important FAQ

भारत की सबसे बड़ी नदी कौन सी है।

गंगा नदी

किस नदी को पद्मा कहा जाता ही और क्यों।

गंगा नदी एक पुर्गामी नदी है। जो बांग्लादेश में ब्रम्हपुत्र की एक शाखा जमुना से मिलने के पश्चात पद्मा के नाम से जानी जाती है

गंगा नदी का उद्गम कहा से हुआ है।

गंगा नदी गंगोत्री हिमनद के पास गोमुख उत्तराखण्ड के महान हिमालय ( 6600 km ) की ऊंचाई से निकलती है।

सिंधु नदी का उद्गम कहा से हुआ हुआ है।

सिंधु नदी तिब्बत की मानसरोवर झील निकट कैलाश पर्वत के ‘ चेमायुंगडुंग ग्लेशियर ‘ से निकलती है।

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