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विज्ञानक्लोनिंग क्या है। प्रकार , क्लोनिग के लाभ एवं हानि ,उदाहरण और...

क्लोनिंग क्या है। प्रकार , क्लोनिग के लाभ एवं हानि ,उदाहरण और विशेष तथ्य ( what is cloning)

क्लोनिग से तात्पर्य किसी कोशिका ,,किसी अन्य जीवित हिस्सा या एक सम्पूर्ण जीव के शुद्व प्रतिरूप का निर्माण करना है। इसमें माता या पिता के अलैंगिक विधि द्वारा प्रतिरूपण किया जाता है और जीव की रचना की जाती है। क्लोन के DNA का हर एक भाग मूल प्रतिरूप एक समान विल्कुल सेम होता है।

क्लोनिंग क्या है (what is cloning )

क्लोनिंग एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा किसी जीव का हु व हु सक्ल का जीव तैयार किया जा सकता है। इस तकनीक को सर्व प्रथम 1996 में SCNT तकनीक का प्रयोग कर डॉइयान विल्मुट और टीम द्वारा डोली नामक भेड़ का क्लोन तैयार कर किया था।

क्लोनिंग के प्रकार

जीन क्लोनिंग या आडविक क्लोनिंग ( gene cloning or molecular cloning )

इस तकनीक के अन्तर्गत पहले जीन अभियांत्रिकी का प्रयाग कर ट्रांसजेनिक तकनीक का प्रयोग किया जाता है। फिर उचित बातावरण का निर्माण कर उस GM वेक्टीरिया के क्लोन प्राप्त किये जाते है। इनका उपयोग अनेक कार्यो जैसे – मानव उपयोगी प्रोटीन निर्माण आदि में किया जाता है।

रिप्रोडक्टिव क्लोनिंग ( Reproductive cloning )

इस तकनीक के अंतर्गत कायिक कोशिका स्थान्तरण तकनीक या अन्य क्लोनिंग तकनीक का उपयोग कर किसी जीव की प्रतिकृति तैयार की जाती है।

थेराप्यूटिक क्लोनिंग (Therapeutic cloning )

इस तकनीक के अंतर्गत छतिग्रस्त ऊतकों या अंगो को स्थान्तरित करने या उनमे सुधार करने और उन्हें ठीक करने के लिए भ्रूड़िये स्तम्ब कोशिका का उत्पादन किया जाता है।

प्रयोगशाला में किसी जीव के शुद्ध प्रतिरूप को तैयार करने के दो तरीके है।

आर्टिफिशल एम्ब्र्यो टविनिंग (artificial embryo twining )

क्लोन निर्माण का यह निम् प्रोद्योगकिए तरीका है। जो जनन की प्राक़तिक प्रक्रिया का ही अनुसरण करता है। लेकिन प्राक़तिक प्रक्रिया से भिन्न , यह प्रक्रिया माँ गर्व की जगह petri dish में पूरी की जाती है। petri dish में स्पर्म और अंडाणु के मिलने से विकसित भूढ को आरंभिक चरण में अलग कर लिया जाता है। इन भूड़ कोशिकाओं को अल्प समय तक पेट्री डिश में विकसित होने के बाद सरोगेट माँ के गर्व में धारण कराया जाता है।

एक ही निषेचित अंडे के विभाजन से जुड़वाँ बच्चो के विकसित होने के कारण वे दोनों अनुवांशिक रूप से समान होते है।

सोमैटिक सेल न्यूकिलीयर ट्रांसफर ( somatic cell nuclear transfer -SCNT )

यह क्लोन तैयार करने की आधुनिक तकनीक है। इसकी प्रक्रिया आर्टिफिशियल एम्ब्रियो ट्यूनिंग से भिन्न होती है। परन्तु इसके द्वारा भी किसी जीव का क्लोन ही तैयार होता है। इसे ‘न्यूक्लियर ट्रांसफर ‘ भी कहते है

इस प्रक्रिया में कायिक कोशिका का किसी जीव से निष्काशन कर उसके केन्द्रक को निकाल दिया जाता है। अंडाणु से केन्द्रक एवं सारे DNA को निकाल कर उसमे कायिक कोशिका से निकाले गए केन्द्रक को डाल दिया जाता है। जिससे यह ताजे निषेचित अंडे की तरह व्यव्हार प्रदर्शित करने लगते है।

निषेचन क्रिया प्रारम्भ करने हेतु इन पर विधुत तरंगे प्रवाहित की जाती है। जिससे कोशिका विभाजन शुरू हो जाता है। इस प्रक्रिया के तहत पूर्ण विकसित अंडाणु को मादा के गर्व में आरोपित कराकर संरूपण क्लोन्स प्राप्त करते है।

important fect

  • मनुष्य द्वारा निर्मित प्रथम अनुवांशिक जीव डोली था।
  • सबसे पहले 1996 में SCNT तकनीक का प्रयोग कर डॉ इयान विल्मुट और उनकी टीम द्वारा डॉली नमक क्लोन तैयार करके किया था।
  • डॉली विश्व का प्रथम क्लोन जीव था। जिसे व्यस्क कायिक कोशिकाओं द्वारा स्तनधारी से विकसित किया गया था।
  • डॉली पारम्परिक क्लोनिंग तकनीक द्वारा विकसित किया गया था। न कि “इन विंट्रो फर्टिलाइज़ेशन ” द्वारा। डॉली की मृत्यु 2003 में फेफड़ो की बीमारी के कारण हुई थी।
  • नेशनल डेरी रिसर्च इंस्टीट्यट ( NDRI ) करनाल के वैज्ञानिको ने 2009 में भैंस के प्रथम क्लोन ‘ समरूपा ‘ एवं उसके बाद ‘ गरिमा ‘ को विकसित किया। यही पर 2013 में क्लोन भैंस ” गरिमा 2 ‘ ने 2010 ‘ महिमा ‘ नामक बच्चे को जन्म दिया।
  • दुबई में ऊंट प्रजनन केंद्र में दुनिया का प्रथम मादा क्लोन ऊंट ‘इनजॉज ‘ को 2009 में विकसित किया गया था।

FAQ

क्लोनिंग से आप क्या समझते हैं?

क्लोनिग से तात्पर्य किसी कोशिका ,,किसी अन्य जीवित हिस्सा या एक सम्पूर्ण जीव के शुद्व प्रतिरूप का निर्माण करना है। इसमें माता या पिता के अलैंगिक विधि द्वारा प्रतिरूपण किया जाता है और जीव की रचना की जाती है। क्लोन के DNA का हर एक भाग मूल प्रतिरूप एक समान विल्कुल सेम होता है।

क्लोनिंग क्या है और एक उदाहरण दीजिए

क्लोनिंग एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा किसी जीव का हु व हु सक्ल का जीव तैयार किया जा सकता है। इस तकनीक को सर्व प्रथम 1996 में SCNT तकनीक का प्रयोग कर डॉइयान विल्मुट और टीम द्वारा डोली नामक भेड़ का क्लोन तैयार कर किया था।

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